एमसीबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लाया जा रहा जी राम जी अधिनियम–2025 ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति और समृद्धि को गति देने वाला साबित होगा। यह योजना सशक्तिकरण, समन्वय, विकास और संतृप्ति जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित है, जिसके तहत मनरेगा को और अधिक प्रभावशाली रूप में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
नई व्यवस्था के अंतर्गत अब ग्रामीण मजदूरों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। योजना में जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण, आजीविका के अवसर बढ़ाने और आपदा प्रबंधन जैसे चार अहम क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
इसी सिलसिले में एमसीबी जिले के अमृतधारा लाई में वीबी–जी राम जी जनजागरण अभियान के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला और सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, अनिल सिंह मेजर, जिला प्रभारी बाबूलाल अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष चंपा देवी पावले सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि यह अधिनियम ग्राम पंचायतों को विकास की धुरी बनाएगा। पंचायत स्तर पर ढांचागत कार्यों से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि यह पहल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्राम सभाओं द्वारा तैयार की गई विकास योजनाओं को पीएम गति शक्ति योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा और गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।





