मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मां महामाया मंदिर में 184 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

एमसीबी | 10 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी पहल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत खड़गवां विकासखंड के ग्राम चनवारीडांड स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में जिला स्तरीय सामूहिक विवाह सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक वातावरण और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच 184 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सादगी और शासन की जनहितकारी सोच का प्रतीक बनकर सामने आया।

कार्यक्रम के दौरान सजे हुए विवाह मंडप, पारंपरिक परिधानों में सजे वर-वधु, मंगल गीतों की ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक माहौल से भर दिया। जिले के मनेंद्रगढ़, खड़गवां, चिरमिरी और जनकपुर क्षेत्रों से चयनित 190 जोड़ों में से 184 जोड़े विवाह समारोह में शामिल हुए और वैवाहिक जीवन की शुरुआत की।

यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, श्रमिकों, किसानों, भूमिहीन मजदूरों तथा अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 190 जोड़ों का चयन किया गया था, जिनमें से 184 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। उन्होंने परियोजना-वार जानकारी देते हुए बताया कि मनेंद्रगढ़ से 56, खड़गवां से 54, चिरमिरी से 19 तथा जनकपुर परियोजना से 60 जोड़ों का चयन हुआ था, जिनमें से जनकपुर के 54 जोड़े कार्यक्रम में शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें 35 हजार रुपये सीधे चेक के माध्यम से दिए जाते हैं, जबकि शेष राशि विवाह से संबंधित सामग्री, वस्त्र, उपहार, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की जाती है, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां महामाया के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके बाद वैदिक विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन की ओर से नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों का स्वागत किया गया। आयोजन में शामिल परिवारों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दी।

मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मां महामाया मंदिर परिसर में इतनी बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह का आयोजन शासन की संवेदनशीलता और गरीब हितैषी सोच को दर्शाता है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना की।

उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि विवाह जीवन की नई शुरुआत है और इसके साथ सामाजिक व पारिवारिक जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं। उन्होंने बताया कि पहले विवाह पूरे गांव का सामूहिक उत्सव होता था, जिसमें आपसी सहयोग और सादगी का भाव प्रमुख रहता था। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना इसी परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई थी और आज भी यह जरूरतमंद परिवारों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। साथ ही वधू के 23 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता भी दी जाएगी।

उन्होंने नवदंपतियों से गौ-संरक्षण के लिए एक-एक गाय पालने का आह्वान किया तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील भी की। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने वर-वधुओं को सहायता राशि के चेक वितरित किए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, चिरमिरी महापौर राम नरेश राय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं।

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