मनेन्द्रगढ़।
सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—की अद्वितीय शहादत को स्मरण करते हुए मनेन्द्रगढ़ में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक भावपूर्ण एवं प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन पतंजलि योग समिति, एमसीबी के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बौद्धिक संगोष्ठी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं सम्मान समारोह शामिल रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान केवल सिख इतिहास नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और नैतिक चेतना का अमिट अध्याय है, जो आने वाली पीढ़ियों को साहस, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
शौर्य, त्याग और संस्कार पर केंद्रित विचार
सिख धर्म के युवा विचारक सुखविंदर सिंह एवं पतंजलि महिला योग समिति की जिला प्रभारी बलबीर कौर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि नन्हे साहिबजादों का बलिदान मानव इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने बताया कि अत्याचार के सामने झुकने के बजाय धर्म और सत्य के लिए प्राणोत्सर्ग करना भारतीय सभ्यता की सर्वोच्च परंपरा रही है।
कार्यक्रम संयोजक सतीश उपाध्याय ने साहिबजादों की शहादत को प्रह्लाद, ध्रुव और नचिकेता जैसी ऐतिहासिक बाल वीर गाथाओं से जोड़ते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों पुत्र—अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह—का बलिदान मानवता और विश्वास की सबसे सशक्त मिसाल है।
गुरुवाणी और भजन से सजी सांस्कृतिक संध्या
वीर बाल दिवस के इस आयोजन में कनाडा के फ्लेमिंग कॉलेज से मास्टर डिग्री प्राप्त एवं “डीन ऑनर रोल” से सम्मानित युवा गायक अनमोल सिंह सलूजा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने गुरुवाणी और शबद की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इसके अलावा कबीरपंथी भजन गायक घनश्याम ने अपने सुमधुर गायन से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया, वहीं समाजसेविका रूपा पोद्दार ने राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
राष्ट्र निर्माण से जुड़ी शहादत की विरासत
बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए लायंस क्लब के अध्यक्ष कृष्णकांत ताम्रकार ने कहा कि साहिबजादों की शहादत देश की एकता, अखंडता और नैतिक मूल्यों से सीधे जुड़ी हुई है।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह नीरज कुमार अग्रवाल ने वीर बाल दिवस की घोषणा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतिहास में इतने कम उदाहरण मिलते हैं, जहां इतनी कम उम्र में ऐसा असाधारण साहस देखने को मिला हो।
उन्होंने साहिबजादों की वीरता और आदर्शों को प्रमाणिक ऐतिहासिक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
सम्मान समारोह में प्रतिभाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें
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युवा गायक अनमोल सिंह सलूजा,
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योग साधक रामसेवक विश्वकर्मा,
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कबीरपंथी गायक घनश्याम
को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान कार्यक्रम संयोजक सतीश उपाध्याय, आरएसएस नगर कार्यवाह नीरज अग्रवालऔर लायंस क्लब अध्यक्ष कृष्णकांत ताम्रकार के करकमलों से संपन्न हुआ।
आयोजन में रहा व्यापक सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में भैरव केशरवानी, नीलम दुबे, जगदंबा अग्रवाल, बबली सिंह, अर्चना अग्रवाल, पिंकी सलूजा, कविता मंगतानी, रोशन जहां, कैलाश दुबे, राकेश अग्रवाल, अर्चना सेजपाल, प्रियंका अग्रवाल सहित अनेक योग साधकों एवं समाजसेवियों का विशेष योगदान रहा।
अंत में विशेष आमंत्रित अतिथियों एवं वक्ताओं के प्रति आभार प्रदर्शन योग साधिका नीलम दुबे द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया।





