अंतर्राज्यीय चावल तस्करी पर प्रशासन का शिकंजा केवटी स्थित गोयल एग्रो राइस मिल को नोटिस, 774 क्विंटल चावल की कमी उजागर

 

एमसीबी | 02 जनवरी 2026

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले मामलों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। केल्हारी तहसील के ग्राम केवटी में संचालित गोयल एग्रो राइस मिल के संचालक संजीव कुमार गोयल को अवैध अंतर्राज्यीय चावल परिवहन और गंभीर अनियमितताओं के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) द्वारा गठित संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें केल्हारी एवं भरतपुर अनुविभागीय अधिकारियों और खाद्य निरीक्षकों ने मिल का विस्तृत भौतिक सत्यापन किया था।

सीमा क्षेत्र में पकड़ा गया 32 टन चावल, जांच से खुली परतें

प्रशासन को 16 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ सीमा के ग्राम घुघरी में 32 टन चावल से भरे वाहन की जब्ती के बाद मामले की जानकारी मिली। इसी कड़ी में 22 दिसंबर 2025 को गोयल एग्रो केवटी राइस मिल का निरीक्षण किया गया, जिसमें बिना अनुमति चावल क्रय, अवैध परिवहन और नियम विरुद्ध भंडारण की पुष्टि हुई।

शासकीय धान की अवैध अदला-बदली, रिकॉर्ड संधारण में भारी लापरवाही

संयुक्त जांच रिपोर्ट के अनुसार मिल द्वारा—

  • शासकीय धान को एक मिल से दूसरी मिल में अनधिकृत रूप से स्थानांतरित किया गया
  • धान एवं चावल का स्टॉक निर्धारित प्रारूप में दर्ज नहीं किया गया
  • मासिक विवरणियां नियमित रूप से कलेक्टर कार्यालय में जमा नहीं की गईं

भौतिक सत्यापन के दौरान 774.04 क्विंटल चावल की कमी पाई गई, जिसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता माना गया है।

‘डमी मिल’ होने की आशंका, बिजली खपत से उठे सवाल

जांच में यह भी सामने आया कि गोयल एग्रो केवटी राइस मिल केवल कागजों में कस्टम मिलिंग दर्शा रही है। रिपोर्ट में इसे डमी मिल के रूप में संचालित होने की आशंका जताई गई है, जिसकी पुष्टि मिल की अत्यंत कम विद्युत खपत से होती है। इससे वास्तविक उत्पादन को लेकर संदेह और गहरा गया है।

स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हालात, फूड पॉयजनिंग का जोखिम

निरीक्षण के दौरान मिल परिसर की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। चावल और धान के भंडारण स्थल पर—

  • मृत चूहे
  • कबूतरों की बीट
  • सड़ा हुआ चावल

मौजूद था। प्रशासन ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए फूड पॉयजनिंग की आशंका भी जताई है।

कानूनी उल्लंघन, सात दिन में जवाब तलब

प्रशासन के अनुसार यह पूरा मामला—

  • छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016
  • धान खरीदी से संबंधित शासकीय आदेश
  • आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7

का स्पष्ट उल्लंघन है। मिल संचालक को 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

खाद्य सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस नीति

इस कार्रवाई से जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि खाद्य आपूर्ति, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और उपभोक्ता स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध परिवहन, मिलिंग में गड़बड़ी और शासकीय अनाज के दुरुपयोग पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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