राइस मिल पंजीयन में चूक पर प्रशासन सख्त भौतिक सत्यापन में लापरवाही के आरोप, केल्हारी की खाद्य निरीक्षक को नोटिस

 

एमसीबी | 02 जनवरी 2026

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राइस मिल पंजीयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने के बाद जिला प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। गोयल एग्रो केवटी राइस मिल के सत्यापन प्रकरण में गंभीर तथ्यों को नजरअंदाज किए जाने के आरोप में केल्हारी की खाद्य निरीक्षक श्रीमती ममता भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

ऑनलाइन आवेदन से लेकर पुनः निरीक्षण तक खुली खामियां

प्रशासन को प्राप्त जानकारी के अनुसार गोयल एग्रो केवटी राइस मिल द्वारा 11 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन के लिए आवेदन किया गया था। इसके बाद 15 दिसंबर 2025 को खाद्य निरीक्षक द्वारा मिल का भौतिक निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

हालांकि, 22 दिसंबर 2025 को केल्हारी और भरतपुर अनुविभागीय अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा किए गए पुनः निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनका उल्लेख पूर्व में प्रस्तुत प्रतिवेदन में नहीं किया गया था।

संयुक्त जांच रिपोर्ट से उजागर हुई लापरवाही

संयुक्त जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि जिन तथ्यों और खामियों को बाद के निरीक्षण में दर्ज किया गया, वे पहले सत्यापन के दौरान भी स्पष्ट रूप से मौजूद थे। इसके बावजूद खाद्य निरीक्षक द्वारा उन्हें रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया, जिसे प्रशासन ने कार्य के प्रति गंभीर लापरवाहीमाना है।

सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप

कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) ने इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में खाद्य निरीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि वे—

  • मिल में पाई गई अनियमितताओं को प्रतिवेदन में शामिल न करने का कारण
  • सत्यापन प्रक्रिया में हुई चूक का स्पष्टीकरण

तीन दिवस के भीतर बिंदुवार रूप से प्रस्तुत करें।

संतोषजनक जवाब नहीं तो एकतरफा कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो एकपक्षीय विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कदम से यह संदेश दिया गया है कि राइस मिल पंजीयन और खाद्य आपूर्ति से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बढ़ी निगरानी

इस प्रकरण के बाद जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में राइस मिलों के पंजीयन, भौतिक सत्यापन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर और अधिक कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

 

buzz4ai
Recent Posts